दशकों से भारत में टाइलें रेत और सीमेंट के मोटे बेड पर लगाई जाती रही हैं। रेडी-मिक्स टाइल एडहेसिव यही काम पतले बेड और कहीं ज़्यादा भरोसेमंद बॉन्ड के साथ करता है। दोनों की तुलना:
मुख्य अंतर
| सीमेंट मसाला | टाइल एडहेसिव | |
|---|---|---|
| बेड की मोटाई | आम तौर पर 20–25 mm | आम तौर पर 3–8 mm |
| मिलाना | साइट पर रेत-सीमेंट, हर मिस्त्री का अलग अंदाज़ | फ़ैक्ट्री में तैयार, सिर्फ़ नापा हुआ पानी मिलाएँ |
| विट्रिफ़ाइड टाइल पर पकड़ | कम पानी सोखने वाली टाइल पर कमज़ोर | पॉलिमर-मॉडिफ़ाइड ग्रेड विट्रिफ़ाइड टाइल पर पकड़ बनाते हैं |
| खोखली आवाज़ | बेड में खाली जगह हो तो आम | पूरी कवरेज और नॉच्ड ट्रॉवेल से बहुत कम |
| स्लैब पर वज़न | भारी | हल्का |
| टेस्टेड स्ट्रेंथ | कोई ग्रेड नहीं | IS 15477:2019 के अनुसार ग्रेडेड |
एडहेसिव कब सबसे ज़रूरी है
- विट्रिफ़ाइड और लार्ज-फ़ॉर्मेट टाइल। ये लगभग पानी नहीं सोखतीं, इसलिए सीमेंट पेस्ट को पकड़ने के लिए कुछ नहीं मिलता। Type 2 या उससे ऊपर का एडहेसिव इन्हीं के लिए बना है।
- दीवारें। स्लिप-रेज़िस्टेंट एडहेसिव जमने तक टाइल को अपनी जगह रोके रखता है।
- रेनोवेशन। पतला बेड फ़र्श का लेवल और दरवाज़ों की जगह जैसी की तैसी रखता है।
मसाले की जगह कौन-सा Tilexo ग्रेड?
सिरेमिक फ़्लोर टाइल के लिए ST1 Silver रेत-सीमेंट से सीधा बेहतर विकल्प है। विट्रिफ़ाइड टाइल और दीवारों के लिए ST2 Gold से शुरू करें।
